अखाड़े में दांव-पेंच का रोमांच, पहलवानों ने दिखाया दमखम

15 ब्लॉक एसईसीएल के हनुमान मंदिर के पास सजा पारंपरिक कुश्ती का अखाड़ा; कटनी से दुर्ग तक के पहलवानों ने आजमाए दांव,तालियों से गूंजा मैदान

कोरबा। वार्ड क्रमांक 15 स्थित ब्लॉक एसईसीएल के हनुमान मंदिर के पास शुक्रवार को गांधी जयंती के अवसर पर पारंपरिक दंगल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।

वर्षों से चली आ रही इस परंपरा को इस बार भी उत्साह के साथ निभाया गया। दोपहर 3 बजे से शुरू हुए दंगल को देखने के लिए बड़ी संख्या में कुश्ती प्रेमी और क्षेत्रवासी पहुंचे। अखाड़े में जैसे ही पहलवानों ने जोर आजमाइश शुरू की, पूरा माहौल उत्साह और रोमांच से भर गया।

कटनी से दुर्ग तक पहुंचे पहलवान
दंगल में मध्यप्रदेश के कटनी सहित चांपा-जांजगीर, बिलासपुर, दुर्ग और आसपास के क्षेत्रों से पहलवान पहुंचे। स्थानीय पहलवानों ने भी बाहरी पहलवानों को कड़ी चुनौती दी। अखाड़े में आमने-सामने उतरे पहलवानों ने ताकत और फुर्ती के साथ कुश्ती के पारंपरिक दांव-पेंच आजमाए।

किसी मुकाबले में पहलवान ने प्रतिद्वंद्वी को अपनी पकड़ में लेने की कोशिश की तो कहीं पलटवार ने मुकाबले का रुख बदल दिया। रोमांचक मुकाबलों के दौरान दर्शकों की तालियों और उत्साहवर्धन से अखाड़ा गूंजता रहा।

विजेता पहलवानों को नगद पुरस्कार
आयोजन समिति ने दंगल में शामिल पहलवानों का उत्साह बढ़ाते हुए उन्हें प्रोत्साहन राशि प्रदान कर सम्मानित किया। विभिन्न मुकाबलों में विजेता रहे पहलवानों को 500 से 2000 रुपये तक की नगद राशि प्रदान की गई।

परंपरा के साथ युवाओं को मंच
आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि क्षेत्र में पारंपरिक खेलों और कुश्ती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष दंगल का आयोजन किया जाता है।इस आयोजन से स्थानीय और उभरते पहलवानों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है। साथ ही युवा पीढ़ी को कुश्ती जैसे पारंपरिक खेल से जोड़ने और अखाड़े की संस्कृति को जीवंत बनाए रखने में भी मदद मिलती है।