मृतकों के नाम पर PM आवास की राशि निकालने का मामला, 5 की सेवाएं समाप्त

48 अपात्र हितग्राहियों के नाम पर आवास स्वीकृति का आरोप; दूसरे खातों में राशि अंतरण, छह सहित अन्य के खिलाफ एफआईआर

कोरबा।प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण में वित्तीय अनियमितता और हितग्राहियों की राशि अन्य बैंक खातों में अंतरित किए जाने के मामले में जिला प्रशासन ने कार्रवाई की है। मामला कोरबा जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत तिलकेजा का है।

जांच में आवास हितग्राहियों की राशि असंबद्ध बैंक खातों में अंतरित किए जाने सहित अन्य अनियमितताएं सामने आने के बाद पांच संविदा अधिकारी-कर्मचारियों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं। वहीं प्रकरण में संलिप्त पाए गए छह आरोपियों सहित अन्य संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध उरगा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

जानकारी के अनुसार तिलकेजा के ग्रामीणों ने इस संबंध में कलेक्टर जनदर्शन में शिकायत की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि 48 अपात्र हितग्राहियों के नाम पर प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए तथा आवास की किश्त की राशि संबंधित हितग्राहियों के बजाय अन्य परिवारों और व्यक्तियों के बैंक खातों में अंतरित की गई। शिकायत में मृत व्यक्तियों के नाम पर भी आवास की किश्त जारी कर राशि आहरित किए जाने की बात सामने आई थी।

जिला स्तरीय जांच दल ने की जांच
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतीक जैन ने जिला स्तरीय जांच दल गठित किया। जांच दल द्वारा ग्राम पंचायत तिलकेजा में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के क्रियान्वयन से संबंधित दस्तावेजों और प्रकरणों की जांच की गई।

जांच प्रतिवेदन में योजना के क्रियान्वयन से जुड़े ब्लॉक समन्वयक आवास, तकनीकी सहायक, डाटा एंट्री ऑपरेटर, कंप्यूटर ऑपरेटर, आवास मित्र तथा तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव की भूमिका में अनियमितताएं पाए जाने का उल्लेख किया गया।

जवाब संतोषजनक नहीं मिला तो सेवा समाप्त
जांच के आधार पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया। प्रशासन के अनुसार प्राप्त जवाबों का परीक्षण करने के बाद उन्हें संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण से जुड़े पांच संविदा अधिकारी-कर्मचारियों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त करने की कार्रवाई की गई।

प्रशासन के अनुसार तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव को इस प्रकरण में पूर्व में ही निलंबित किया जा चुका है तथा उनके विरुद्ध विभागीय जांच भी संस्थित की गई है।

छह आरोपियों सहित अन्य के खिलाफ प्राथमिकी
जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर प्रकरण में संलिप्त पाए गए छह आरोपियों सहित अन्य संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध उरगा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। पुलिस द्वारा अब प्रकरण में दर्ज शिकायत और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण का उद्देश्य पात्र ग्रामीण परिवारों को आवास उपलब्ध कराना है। ऐसे में अपात्र व्यक्तियों के नाम पर स्वीकृति, मृत हितग्राहियों के नाम पर राशि जारी करने तथा राशि को असंबद्ध खातों में अंतरित किए जाने जैसे आरोपों को प्रशासन ने गंभीरता से लिया है।

अब पुलिस और विभागीय जांच की आगे की कार्रवाई से मामले में वित्तीय अनियमितता की पूरी तस्वीर स्पष्ट होने की उम्मीद है।