दादर नाले में आया तेज उफान, पानी में डूबी स्कॉर्पियो; घरों में घुसा पानी

हर साल बारिश में बिगड़ते हैं हालात, 5-7 वर्षों से स्थायी समाधान का इंतजार कर रहे रहवासी

कोरबा।शनिवार सुबह हुई मूसलाधार बारिश के बाद कोरबा शहर के दादर नाले में तेज उफान आ गया। नाले का पानी आसपास के इलाकों में फैलने से कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति निर्मित हो गई और लोगों की परेशानी बढ़ गई।

तेज बहाव की चपेट में आने से एक स्कॉर्पियो वाहन नाले के पानी में डूब गया। वहीं आसपास के कुछ घरों में भी पानी घुसने की स्थिति बन गई।

लगातार बारिश के कारण दादर नाले में पानी का स्तर तेजी से बढ़ा। पानी के तेज बहाव ने नाले के आसपास की जल निकासी व्यवस्था को प्रभावित कर दिया। देखते ही देखते आसपास का क्षेत्र पानी से भर गया। इसी दौरान स्कॉर्पियो वाहन पानी की चपेट में आ गया और नाले में डूब गया।

घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप की स्थिति रही।

5-7 साल से हर बारिश में यही हाल
स्थानीय रहवासियों का कहना है कि दादर नाले में जलभराव की समस्या आज की नहीं है। पिछले 5 से 7 वर्षों से बारिश के दौरान नाले का पानी उफनकर आसपास फैलता रहा है।

तेज बारिश होने पर घरों में पानी घुसने का खतरा बना रहता है और रहवासियों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है।

लोगों का आरोप है कि समस्या सामने आने के बाद प्रशासन और जनप्रतिनिधियों द्वारा मौके का निरीक्षण किया जाता है, लेकिन बारिश का दौर समाप्त होते ही मामला फिर ठंडे बस्ते में चला जाता है। वर्षों से समस्या झेल रहे लोगों को अब तक स्थायी राहत नहीं मिल सकी है।

वाहन डूबने से बढ़ी चिंता
दादर नाले में स्कॉर्पियो के डूबने की घटना ने जल निकासी व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। तेज बहाव के दौरान सड़क और नाले के आसपास पानी भर जाने से वाहन चालकों और राहगीरों के लिए खतरा बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है।

स्थायी समाधान की मांग
रहवासियों ने प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों से दादर नाले की तत्काल सफाई, जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने, पानी के बहाव में आने वाली बाधाओं को दूर करने तथा जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है।

लोगों का कहना है कि हर साल बारिश के दौरान समस्या सामने आने के बाद राहत कार्य करने के बजाय बारिश से पहले ही नाले की सफाई और जल निकासी की व्यापक व्यवस्था की जानी चाहिए, ताकि घरों में पानी घुसने और वाहनों के डूबने जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।