दीपका नगर पालिका में 17 लाख के सोलर लाइट घोटाले का आरोप

विशेषाधिकार की आड़ में लाखों के भुगतान, नियमों की अनदेखी का दावा

कोरबा।नगर पालिका परिषद दीपका एक बार फिर वित्तीय अनियमितताओं और मनमाने कार्यप्रणाली को लेकर चर्चा में है। क्षेत्र में सोलर लाइट स्थापना के नाम पर करीब 17 लाख रुपये के भुगतान में गड़बड़ी के आरोप सामने आए हैं। साथ ही मुख्य नगर पालिका अधिकारी द्वारा विशेषाधिकार का उपयोग करते हुए प्रतिदिन लाखों रुपये के भुगतान किए जाने की भी चर्चा है।

सूत्रों के अनुसार, सरकार परिवर्तन के बाद नगर पालिका दीपका में नए मुख्य नगर पालिका अधिकारी की पदस्थापना के बाद कार्यप्रणाली को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं।

बताया जा रहा है कि नगर पालिका क्षेत्र के तीन प्रमुख स्थानों पर सोलर लाइट लगाने के लिए टेंडर जारी किया गया था।

आरोप है कि संबंधित कार्य में अधिकारी और ठेकेदार के बीच मिलीभगत कर लगभग 17 लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया, जबकि स्थापित सोलर लाइटें प्रभावी रूप से संचालित नहीं हुईं।

यह भी दावा किया जा रहा है कि मामले को छिपाने के लिए बाद में उन स्थानों पर साधारण विद्युत कनेक्शन से लाइटें संचालित की जाने लगीं, जिससे नगर पालिका को प्रतिमाह अतिरिक्त बिजली बिल का भार उठाना पड़ रहा है। वहीं, खरीद और भुगतान प्रक्रिया में जेम (GeM) पोर्टल के निर्धारित नियमों के पालन नहीं होने के आरोप भी लगाए जा रहे हैं।

एक लाख की सीमा का कथित दुरुपयोग
जानकारों का कहना है कि शासन द्वारा आपातकालीन कार्यों के लिए मुख्य नगर पालिका अधिकारी को एक लाख रुपये तक के भुगतान का विशेषाधिकार दिया गया है। आरोप है कि बड़े भुगतानों को छोटे-छोटे हिस्सों में विभाजित कर एक-एक लाख रुपये के बिल तैयार किए जा रहे हैं, ताकि परिषद या पीआईसी की स्वीकृति के बिना भुगतान किया जा सके।

मामले को लेकर नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आना अभी बाकी है। यदि आरोपों की जांच होती है तो कई महत्वपूर्ण तथ्य उजागर हो सकते हैं।