कोरबा।एसईसीएल कोरबा क्षेत्र के सरायपाली बुड़बुड़ खुली खदान के भू-विस्थापित 27 नवंबर से रोजगार की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठेंगे। प्रभावितों का कहना है कि तत्कालीन कलेक्टर रजत कुमार के कार्यकाल में रोजगार देने को लेकर सहमति बनी थी, लेकिन एसईसीएल ने इसका पालन नहीं किया।
ग्रामीणों का आरोप है कि एसईसीएल ने वर्ष 2016 में कोल इंडिया पॉलिसी 2012 लागू करते हुए रोजगार देना शुरू किया, जिसका उन्होंने लिखित में विरोध दर्ज कराया था।
मामले को लेकर विस्थापितों ने उच्च न्यायालय बिलासपुर में याचिका दायर की, जहां माननीय न्यायालय ने खातेदारों के पक्ष में निर्णय देते हुए 45 दिन के भीतर रोजगार देने का आदेश दिया। लेकिन एसईसीएल द्वारा अपील दायर किए जाने पर भी डबल बेंच ने अपील खारिज कर दी।
प्रभावितों का कहना है कि एसईसीएल हाईकोर्ट के आदेश की गलत व्याख्या कर रोजगार नहीं दे रहा है। वहीं एसईसीएल का दावा है कि न्यायालय के निर्देशों के अनुसार दस्तावेज़ों का परीक्षण किया गया है और छत्तीसगढ़ पुनर्वास नीति 2007 के अनुरूप आवश्यक रोजगार पहले ही दिए जा चुके हैं।
इसी मुद्दे को लेकर खातेदार 27 नवंबर से एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर के सामने अनशन पर बैठेंगे। अनशन करने वालों में हेमलाल श्रीवास, संतोष, दिलीप कुमार, शिवकुमार और रुपचंद जायसवाल शामिल हैं।
Editor – Niraj Jaiswal
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