कार्तिक पूर्णिमा पर असंख्य दीपों से जगमगाएगा हसदेव तट: नमामि हसदेव का भव्य आयोजन

कोरबा। छत्तीसगढ़ की पावन धारा हसदेव नदी के तट पर इस वर्ष कार्तिक पूर्णिमा का उत्सव अनोखी भव्यता के साथ मनाया जाएगा। नमामि हसदेव सेवा समिति के तत्वावधान में सर्वमंगला घाट पर देव दीपावली के अवसर पर असंख्य दीपों की रोशनी से नदी तट नहाया जाएगा, जो वाराणसी, अयोध्या और पटना की गंगा आरती की याद दिलाएगा। 5 नवंबर को होने वाले इस अलौकिक आयोजन में हसदेव महाआरती, यज्ञ पूर्णाहुति और सहस्रधारा के साथ लाखों श्रद्धालुओं की भागीदारी की अपेक्षा है।

नमामि हसदेव के पदाधिकारी चंद्रकिशोर श्रीवास्तव, यशवंत मिश्रा और रणधीर पाण्डेय ने बताया कि देवउठनी एकादशी के अवसर पर 1 से 5 नवंबर तक लक्ष्मीनारायण महायज्ञ का आयोजन चल रहा है। संत रामबालक दास महात्यागी के सान्निध्य में शुरू हुए इस यज्ञ का शुभारंभ भव्य कलश यात्रा से हुआ था, जिसमें सैकड़ों महिलाओं ने भाग लिया। वेद मंत्रोच्चार के बीच कलश स्थापना और ज्योतिप्रज्वलन के बाद अब सर्वकल्याण की कामना से आहुतियां डाली जा रही हैं। 3 नवंबर से कार्तिक महात्म्य कथा भी प्रारंभ हो चुकी है।

देव दीपावली का विशेष कार्यक्रम
5 नवंबर को प्रात: 9 बजे से यज्ञ-हवन की पूर्णाहुति और सहस्रधारा संपन्न होगी। सायंकाल 5 बजे घाट को हजारों दीपों से सजाया जाएगा। श्रद्धालु दीपदान कर मां हसदेव से सुख-समृद्धि की प्रार्थना करेंगे। इसके बाद हसदेव की भव्य महाआरती होगी, जिसमें चुनरी वास्की भेंट की परंपरा निभाई जाएगी। पदाधिकारियों के अनुसार, पिछले वर्षों की तरह इस बार भी भारी संख्या में लोग पहुंचेंगे, और उत्सव को यादगार बनाने के लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं।

हसदेव संरक्षण की मुहिम: रिवर फ्रंट की योजना
आयोजन के दौरान नमामि हसदेव ने हसदेव नदी के संरक्षण पर भी जोर दिया। समिति के अनुसार, पिछले कई वर्षों से पर्यावरण संरक्षण को लेकर निरंतर प्रयास चल रहे हैं। कोरबा के सर्वमंगला घाट से कुदुरमाल तक हसदेव रिवर फ्रंट विकसित करने के लिए हस्ताक्षर अभियान चलाया गया था, जिसमें हजारों लोगों ने भाग लिया।

इस अभियान के माध्यम से सरकार को नदी की स्वच्छता, प्रदूषण नियंत्रण और पर्यटन विकास की मांग सौंपी गई। पदाधिकारियों ने कहा, “यदि हसदेव में सकारात्मक कार्य होंगे, तो संभावित खतरों जैसे बाढ़ और प्रदूषण को रोका जा सकेगा। यह न केवल धार्मिक महत्व की नदी है, बल्कि जिले की जीवनरेखा भी।”

यह आयोजन हसदेव तट को धार्मिक पर्यटन का केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। समिति ने सभी से आह्वान किया है कि वे इस पवित्र अवसर पर घाट पहुंचकर भाग लें और नदी संरक्षण के संकल्प को मजबूत करें। अधिक जानकारी के लिए नमामि हसदेव कार्यालय से संपर्क करें।