जर्जर सड़क और धूल के गुबार से परेशान ग्रामीणों का चक्काजाम

सुतर्रा-बांकीमोंगरा-कटघोरा बाईपास पर एसईसीएल और पीडब्ल्यूडी के खिलाफ प्रदर्शन, लिखित आश्वासन पर अड़े ग्रामीण

कोरबा। जर्जर सड़क और वाहनों की आवाजाही से उड़ने वाली धूल की समस्या से परेशान ग्रामीणों का आक्रोश शुक्रवार को सड़क पर फूट पड़ा। लखनपुर सहित आसपास के गांवों के ग्रामीणों ने सुतर्रा-बांकीमोंगरा-कटघोरा बाईपास पर चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने सड़क की बदहाली के लिए एसईसीएल और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की अनदेखी को जिम्मेदार ठहराते हुए तत्काल मरम्मत और धूल की समस्या के स्थायी समाधान की मांग की। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि लिखित आश्वासन मिलने तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा।

जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे ग्रामीण बाईपास पर धरने पर बैठ गए। चक्काजाम के कारण इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारी ग्रामीणों की मांग है कि सड़क की मरम्मत के लिए तत्काल ठोस कदम उठाए जाएं तथा प्रशासन और संबंधित विभाग लिखित में आश्वासन दें।

धूल के गुबार से आवागमन हुआ मुश्किल
ग्रामीणों के मुताबिक, सुतर्रा-बांकीमोंगरा-कटघोरा बाईपास की सड़क लंबे समय से जर्जर हालत में है। इस मार्ग से गुजरने वाले वाहनों के कारण लगातार धूल उड़ती है। इससे आसपास के गांवों के रहवासियों के साथ ही राहगीरों और वाहन चालकों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। धूल के गुबार के बीच आवागमन करना खासकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए मुश्किल हो गया है।

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की मरम्मत और धूल से राहत दिलाने की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।

रोजाना की परेशानी और संबंधित विभागों की कथित उदासीनता से नाराज ग्रामीणों ने आखिरकार चक्काजाम कर अपना विरोध दर्ज कराया।

एसईसीएल और पीडब्ल्यूडी के खिलाफ नाराजगी
प्रदर्शनकारियों ने सड़क की बदहाली को लेकर एसईसीएल और पीडब्ल्यूडी के प्रति नाराजगी जताई। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क की मरम्मत को लेकर संबंधित विभाग गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं, जिसका खामियाजा क्षेत्र के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। उनका कहना है कि सड़क को आवागमन के योग्य बनाने के साथ धूल की समस्या से निजात दिलाने के लिए भी प्रभावी व्यवस्था जरूरी है।

ग्रामीणों ने दो टूक कहा कि केवल मौखिक आश्वासन से आंदोलन समाप्त नहीं होगा। वे चाहते हैं कि सड़क की मरम्मत शुरू करने के संबंध में स्पष्ट कार्ययोजना बनाई जाए और प्रशासन तथा संबंधित विभाग लिखित आश्वासन दें।

मौके पर पहुंचे पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी
चक्काजाम की सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारी ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें समझाने और यातायात बहाल कराने का प्रयास किया।

हालांकि, ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे। चक्काजाम के चलते बाईपास पर वाहनों की आवाजाही बाधित रही और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सड़क मरम्मत और धूल की समस्या के समाधान को लेकर ग्रामीणों की मांगों पर आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।