डेढ़ महीने से क्षेत्र में डेरा जमाए हाथियों के दल से फसल और जानमाल की सुरक्षा पर संकट मुआवजा, झटका तार और स्ट्रीट लाइट सहित नौ मांगों को लेकर प्रदर्शन, वन विभाग के लिखित आश्वासन पर आंदोलन समाप्त
कोरबा।जिले में हाथियों की लगातार मौजूदगी और फसलों को हो रहे नुकसान से परेशान ग्रामीणों का आक्रोश अब सड़क पर उतर आया है। पोड़ी-उपरोड़ा जनपद पंचायत के पसान क्षेत्र में हाथियों की समस्या से त्रस्त ग्रामीणों ने पहली बार चक्काजाम कर अपना विरोध दर्ज कराया। लगभग डेढ़ महीने से क्षेत्र में डेरा जमाए हाथियों के दल के कारण किसानों की फसलें बर्बाद हो रही हैं, वहीं ग्रामीणों को अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा की चिंता सता रही है। समस्या के स्थायी समाधान, फसल नुकसान के मुआवजे और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम की मांग को लेकर ग्रामीणों ने पसान बस स्टैंड पर चक्काजाम कर दिया।
पूर्व सरपंच एवं महिला नेत्री के नेतृत्व में किए गए इस प्रदर्शन के कारण पेंड्रा-कटघोरा मुख्य मार्ग पर करीब तीन घंटे तक आवागमन प्रभावित रहा। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे एसडीएम ने ग्रामीणों से चर्चा कर उनकी समस्याएं सुनीं। वहीं, पसान वन परिक्षेत्र अधिकारी की ओर से मांगों पर लिखित जवाब और कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीणों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया।
डेढ़ महीने से हाथियों का डेरा, किसानों की फसल पर आफत
ग्रामीणों के अनुसार, पसान क्षेत्र में पिछले लगभग डेढ़ महीने से दर्जनों हाथियों का दल लगातार विचरण कर रहा है। हाथियों के झुंड खेतों में पहुंचकर धान की फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे किसानों की मेहनत पर पानी फिर रहा है और उनकी आजीविका पर संकट गहराने लगा है।
हाथियों की आवाजाही के कारण ग्रामीणों में भय का माहौल है। खेतों और आबादी वाले क्षेत्रों के आसपास हाथियों की मौजूदगी से लोगों को दिन-रात सतर्क रहना पड़ रहा है। कई ग्रामीण रात में जागकर खेतों और आसपास के इलाकों की निगरानी करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार नुकसान और सुरक्षा संबंधी चिंता के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने से उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।
नौ मांगों को लेकर बस स्टैंड पर किया चक्काजाम
हाथियों की समस्या के निराकरण की मांग को लेकर ग्रामीणों ने 12 अक्टूबर को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), पोड़ी-उपरोड़ा को ज्ञापन सौंपा था। मांगों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से नाराज ग्रामीण पसान बस स्टैंड पर एकत्र हुए और चक्काजाम शुरू कर दिया।
प्रदर्शनकारियों ने हाथियों से प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, फसल नुकसान की भरपाई करने और गांवों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग उठाई। मांग पत्र में कुल नौ बिंदुओं पर कार्रवाई की मांग की गई।
स्ट्रीट लाइट, झटका तार और मुआवजे पर जोर
ग्रामीणों की प्रमुख मांगों में प्रत्येक मोहल्ले और पारे में स्ट्रीट लाइट लगाने, हाथियों को आबादी वाले क्षेत्रों से दूर रखने के लिए झटका तार की व्यवस्था करने तथा प्रभावित किसानों को फसल नुकसान का मुआवजा देने की मांग शामिल है। ग्रामीणों ने मांग की कि फसल क्षति का मुआवजा आठ दिनों के भीतर दिया जाए, ताकि प्रभावित किसानों को समय पर राहत मिल सके।
इसके अलावा प्रत्येक मोहल्ले में हाथी टीम की उपस्थिति सुनिश्चित करने, एक एकड़ में 15 क्विंटल धान अथवा उसके समतुल्य राशि के आधार पर मुआवजा देने, ग्राम पंचायत द्वारा पहले लगाई गई स्ट्रीट लाइट की मरम्मत कराने और पिछले वर्ष के लंबित मुआवजा प्रकरणों का भुगतान करने की मांग भी रखी गई।
ग्रामीणों ने बेजा कब्जे वाली भूमि पर खेती करने वाले प्रभावित किसानों को भी मुआवजा देने की मांग उठाई। उनका कहना है कि हाथियों से होने वाले नुकसान की भरपाई और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए प्रभावी व्यवस्था जरूरी है। केवल अस्थायी उपायों से इस समस्या का समाधान संभव नहीं है।
एसडीएम की समझाइश, वन विभाग ने दिया लिखित जवाब
चक्काजाम की सूचना पर एसडीएम मौके पर पहुंचे और प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों से बातचीत की। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और उन्हें समझाइश दी। इसके बाद पसान वन परिक्षेत्र अधिकारी की ओर से मांग पत्र के विभिन्न बिंदुओं पर लिखित जवाब दिया गया।
वन विभाग के लिखित जवाब के अनुसार, मांग पत्र के बिंदु क्रमांक 1, 2, 3 और 6 से संबंधित प्रस्ताव उच्च कार्यालय को भेजे जा रहे हैं। बजट प्राप्त होने के बाद स्ट्रीट लाइट और झटका तार की व्यवस्था किए जाने की बात कही गई। वहीं, बिंदु क्रमांक 4 और 5 पर तत्काल कार्रवाई करने का उल्लेख किया गया। जवाब में यह भी कहा गया कि वर्तमान में प्रत्येक मोहल्ले में हाथी मित्र उपस्थित हैं।
पिछले वर्ष के लंबित मुआवजा प्रकरणों की जांच कर तत्काल कार्रवाई करने तथा ग्राम पंचायत द्वारा लगाई गई सोलर स्ट्रीट लाइट की मरम्मत के लिए संबंधित विभाग को सूचित करने का आश्वासन भी दिया गया।
आश्वासन के बाद आंदोलन समाप्त, अब कार्रवाई का इंतजार
वन विभाग की ओर से लिखित जवाब मिलने और एसडीएम की समझाइश के बाद ग्रामीणों ने करीब तीन घंटे से जारी चक्काजाम समाप्त कर दिया। इसके बाद पेंड्रा-कटघोरा मुख्य मार्ग पर आवागमन बहाल करने का रास्ता साफ हुआ।
हालांकि, ग्रामीणों की परेशानी का स्थायी समाधान अब भी प्रमुख सवाल बना हुआ है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि लिखित आश्वासन के अनुरूप संबंधित विभाग जल्द कार्रवाई करेंगे, ताकि हाथियों से फसलों को हो रहे नुकसान पर अंकुश लगे और गांवों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हो सके।
Editor – Niraj Jaiswal
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