25 करोड़ की लागत से बनेगा छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा साइंस सेंटर,मंत्री देवांगन ने किया भूमिपूजन

रोबोटिक्स, स्पेस जोन और प्लेनेटोरियम सहित आधुनिक सुविधाओं से होगा सुसज्जित

कोरबा। औद्योगिक नगरी कोरबा के विकास में विज्ञान और आधुनिक तकनीक का नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। रिस्दी रोड पर 25 करोड़ रुपये की लागत से छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा साइंस सेंटर विकसित किया जाएगा। गुरुवार को कैबिनेट मंत्री लखनलाल देवांगन ने पुण्यश्लोक लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर साइंस एवं कन्वेंशन सेंटर का विधि-विधान से भूमिपूजन किया। अडानी फाउंडेशन के सहयोग से सीएसआर मद में बनने वाला यह केंद्र विद्यार्थियों को विज्ञान के सिद्धांतों, प्रयोगों और आधुनिक तकनीक को प्रत्यक्ष अनुभव के माध्यम से समझने का अवसर देगा।

चंद्रयान-मंगलयान जैसी तकनीकों को समझ सकेंगे विद्यार्थी

भूमिपूजन कार्यक्रम में मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि साइंस सेंटर का निर्माण कोरबा के इतिहास में वैज्ञानिक शिक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। इससे जिले सहित प्रदेशभर के विद्यार्थियों को विज्ञान और तकनीक सीखने के नए अवसर मिलेंगे। विद्यार्थी वैज्ञानिक प्रयोगों के जरिए विभिन्न सिद्धांतों को समझ सकेंगे और चंद्रयान तथा मंगलयान जैसे अंतरिक्ष अभियानों में इस्तेमाल होने वाली तकनीकों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विकसित भारत-2047 की परिकल्पना का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, अधोसंरचना और तकनीक के क्षेत्र में विकास के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने प्रदेश की नई उद्योग नीति का जिक्र करते हुए कहा कि औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित किया जा रहा है। डाटा सेंटर, सेमीकंडक्टर पार्क और टेक्सटाइल पार्क जैसी परियोजनाओं से रोजगार के नए अवसर सृजित होने की संभावना है।

1.30 लाख वर्गफीट में विकसित होगा केंद्र

कलेक्टर कुणाल दुदावत ने बताया कि साइंस सेंटर जिला प्रशासन और सीएसआर के सहयोग से विकसित होने वाली महत्वपूर्ण परियोजना है। लगभग 1.30 लाख वर्गफीट क्षेत्र में बनने वाले इस केंद्र में विद्यार्थियों को विज्ञान की आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। यहां प्रयोगों, गतिविधियों और व्यावहारिक अनुभवों के माध्यम से विज्ञान को समझने का अवसर मिलेगा।

रोबोटिक्स से लेकर माइनिंग एक्सपीरियंस जोन तक

साइंस सेंटर में रोबोटिक्स जोन, स्पेस जोन, प्लेनेटोरियम, माइनिंग एक्सपीरियंस जोन और कल्चरल सेंटर सहित कई आकर्षक क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। इसके अलावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रियलिटी आधारित आधुनिक तकनीकी सुविधाएं भी प्रस्तावित हैं। इन सुविधाओं से विद्यार्थी किताबी ज्ञान से आगे बढ़कर विज्ञान और तकनीक को प्रत्यक्ष अनुभव के जरिए समझ सकेंगे। इससे उनकी वैज्ञानिक जिज्ञासा और तकनीकी समझ को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

परियोजना की रूपरेखा तैयार करने के दौरान अहमदाबाद स्थित साइंस सेंटर का भी अवलोकन किया गया, ताकि आधुनिक विज्ञान केंद्र की सुविधाओं और व्यवस्थाओं को समझा जा सके।

बच्चों की प्रतिभा निखारने में मिलेगी मदद

महापौर संजूदेवी राजपूत ने कहा कि साइंस सेंटर से कोरबा के बच्चों को विज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों और आधुनिक तकनीक को जानने का अवसर मिलेगा। यह केंद्र उनकी जिज्ञासा बढ़ाने, प्रतिभा निखारने और विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने में सहायक होगा। जिला भाजपा अध्यक्ष गोपाल मोदी ने भी इसे प्रदेश में विज्ञान और तकनीकी शिक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।

कार्यक्रम में जिला पंचायत के सीईओ प्रतीक जैन, निगम आयुक्त आशुतोष पाण्डेय, अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल, डॉ. राजीव सिंह, नरेंद्र देवांगन, सभापति नूतन सिंह ठाकुर, एमआईसी सदस्य, अडानी फाउंडेशन के सीईओ वैभव टंडन, जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।