निगम की ईई रुचि साहू ने ठेकेदार के खिलाफ विशाखा समिति में की शिकायत

रिश्वत मांगने के आरोपों को बताया झूठा और दुर्भावनापूर्ण

कोरबा। नगर पालिक निगम की कार्यपालन अभियंता रुचि साहू ने ठेकेदार अंकुश मिश्रा सहित अन्य लोगों के खिलाफ विशाखा समिति में शिकायत दर्ज कराकर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में उन्होंने अपने ऊपर लगाए गए रिश्वत संबंधी आरोपों को निराधार बताते हुए कार्यालय में अनुचित व्यवहार, दबाव बनाने, धमकी देने तथा सोशल मीडिया पर निजी तस्वीर का इस्तेमाल कर कथित आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने का आरोप लगाया है।

कार्यालय में आकर दबाव बनाने का आरोप
रुचि साहू ने शिकायत में उल्लेख किया है कि संबंधित ठेकेदार और अन्य लोगों द्वारा उनके विरुद्ध भ्रामक आरोप लगाए जा रहे हैं। उनका आरोप है कि 7 अक्टूबर को कार्यालयीन समय के बाद उनके कक्ष में आकर अनुचित व्यवहार किया गया और दबाव बनाने की कोशिश की गई।

उन्होंने यह भी कहा है कि उनकी व्यक्तिगत तस्वीर का इस्तेमाल कर सोशल मीडिया और व्हाट्सऐप पर कथित आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित की गई, जिससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा प्रभावित हुई और उन्हें मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा।

34,176 रुपये की फाइल को लेकर दिया स्पष्टीकरण
शिकायत में रुचि साहू ने 34 हजार 176 रुपये की पीजी राशि से संबंधित फाइल का भी उल्लेख किया है। उनके अनुसार, मेसर्स के.पी. शर्मा, कोरबा की यह फाइल 28 सितंबर 2026 को उनके समक्ष प्रस्तुत की गई थी। उसी दिन उन्होंने आवश्यक प्रतिवेदन के लिए फाइल सहायक अभियंता और उप अभियंता को भेज दी थी। उप अभियंता ने 30 सितंबर को प्रतिवेदन प्रस्तुत किया, जिसे आगे सहायक अभियंता के पास भेज दिया गया। रुचि साहू का कहना है कि संबंधित फाइल उनके पास लंबित नहीं थी। ऐसे में फाइल रोकने और रिश्वत मांगने के आरोपों को उन्होंने गलत और उनकी छवि खराब करने वाला बताया है।

निष्पक्ष जांच और सुरक्षित कार्यस्थल की मांग
कार्यपालन अभियंता ने विशाखा समिति से शिकायत दर्ज कर मामले की निष्पक्ष जांच करने, उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल करने और नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि कार्यस्थल पर सम्मानजनक और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जाना चाहिए। शिकायत में संबंधित स्क्रीनशॉट, व्हाट्सऐप सामग्री और संभावित गवाहों से जुड़े साक्ष्य उपलब्ध कराने की बात भी कही गई है।

फिलहाल शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में विशाखा समिति की जांच और संबंधित पक्षों का जवाब सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।