ओपन थिएटर में आज से रामलीला, 50 कलाकार जीवंत करेंगे रामायण के प्रसंग 15 से 20 अक्टूबर तक रामलीला और दशहरा उत्सव

मंत्री देवांगन और महापौर संजूदेवी राजपूत ने प्रेस वार्ता में दी जानकारी

कोरबा। प्रभु श्रीराम के आदर्शों, सनातन परंपरा और भारतीय संस्कृति से नई पीढ़ी को जोड़ने के उद्देश्य से शहर के ओपन थिएटर में 15 अक्टूबर से भव्य रामलीला एवं दशहरा उत्सव का आगाज होगा। नगर निगम के तत्वावधान में लगातार दूसरे वर्ष आयोजित इस छह दिवसीय आयोजन में वाराणसी और उज्जैन के करीब 50 कलाकार रामायण के प्रमुख प्रसंगों का मंचन करेंगे। 20 अक्टूबर तक चलने वाले उत्सव की तैयारियों को लेकर पंचवटी विश्राम गृह में आयोजित प्रेस वार्ता में कैबिनेट मंत्री लखनलाल देवांगन, महापौर संजूदेवी राजपूत सहित जनप्रतिनिधियों ने कार्यक्रम की रूपरेखा साझा की।

रामलीला के जरिए जन-जन तक पहुंचेंगे श्रीराम के आदर्श

प्रेस वार्ता में बताया गया कि रामलीला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और जीवन मूल्यों को समझने का माध्यम भी है। मंचन के जरिए प्रभु श्रीराम के आदर्शों, मर्यादा, त्याग और कर्तव्यनिष्ठा को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। रामायण काल के प्रसंगों को आधुनिक मंचीय शैली में प्रस्तुत किया जाएगा, लेकिन उनकी मूल भावना और सांस्कृतिक संदेश बरकरार रहेंगे।

महापौर संजूदेवी राजपूत ने कहा कि इस वर्ष आयोजन को पिछले साल की तुलना में और अधिक भव्य बनाने की तैयारी की गई है। उन्होंने शहर और आसपास के क्षेत्रों के नागरिकों से रामलीला तथा दशहरा उत्सव में शामिल होने की अपील की।

वाराणसी और उज्जैन के 50 कलाकार करेंगे मंचन

रामलीला का निर्देशन तनुप्रिया के मार्गदर्शन में किया जाएगा। वाराणसी और उज्जैन से आने वाले कलाकार रामायण के प्रमुख प्रसंगों को मंच पर जीवंत करेंगे। भगवान श्रीराम की भूमिका निभाने वाले देवेश नागर ने प्रेस वार्ता में अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि श्रीराम का पात्र निभाते समय वे स्वयं को पूरी तरह उस प्रसंग में डुबो देते हैं। कलाकारों की प्रस्तुति के माध्यम से दर्शकों को रामायण की कथा और उसके संदेशों से जुड़ने का अवसर मिलेगा।

रामजन्म से राज्याभिषेक तक दिखेंगे प्रमुख प्रसंग

आयोजन के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 15 अक्टूबर को रामजन्म, 16 अक्टूबर को पुष्प वाटिका और धनुष यज्ञ, 17 अक्टूबर को राम वनगमन तथा 18 अक्टूबर को पंचवटी प्रसंग और लंका दहन का मंचन होगा। 19 अक्टूबर को सेतुबंध, रावण वध और श्रीराम के राज्याभिषेक के प्रसंग प्रस्तुत किए जाएंगे। वहीं, 20 अक्टूबर को दशहरा उत्सव के साथ कार्यक्रम का समापन होगा।

प्रेस वार्ता में भाजपा जिला अध्यक्ष गोपाल मोदी, रायपुर संभाग सह प्रभारी डॉ. राजीव सिंह, उपाध्यक्ष प्रफुल्ल तिवारी, रुकमणी नायर, सभापति नूतन सिंह ठाकुर, मंडल अध्यक्ष योगेश मिश्रा, एमआईसी सदस्य हितानंद अग्रवाल और नरेंद्र देवांगन सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। आयोजकों ने नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर रामलीला और दशहरा उत्सव में सहभागिता निभाने की अपील की।