नवरात्र पर देवपहरी में दिखेगा शक्ति उपासना का दिव्य स्वरूप, सात शक्तिपीठों की अखंड ज्योत बनेगी आकर्षण

11 से 19 अक्टूबर तक होंगे विशेष धार्मिक अनुष्ठान, सिद्धिदात्री और हिंगलाजगढ़ की प्रतीकात्मक ज्योत के दर्शन करेंगे श्रद्धालु

कोरबा। शारदीय नवरात्र पर्व को लेकर जिले में धार्मिक उत्साह का माहौल बनने लगा है। 11 अक्टूबर से शुरू होकर 19 अक्टूबर तक चलने वाले नवरात्र के लिए विभिन्न देवी मंदिरों में तैयारियां की जा रही हैं। इस दौरान मां दुर्गा की आराधना, मनोकामना ज्योति कलश प्रज्वलन और विविध धार्मिक अनुष्ठान आयोजित होंगे। जिले के रमणीक स्थल देवपहरी में स्थित सिद्धिदात्री दरबार और हिंगलाजगढ़ की प्रतीकात्मक ज्योत के दर्शन नवरात्र के प्रमुख आकर्षण होंगे।

सात शक्तिपीठों की अखंड ज्योत के होंगे दर्शन
देवपहरी स्थित मंदिर में नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं को देश के सात शक्तिपीठों से लाई गई अखंड ज्योत के दर्शन का अवसर मिलेगा। इनमें उत्तर भारत की वैष्णो देवी, दक्षिण भारत की कामाक्षी, असम के नीलांचल पर्वत स्थित कामाख्या, पश्चिम भारत के पावागढ़ की कालिका देवी और मध्यप्रदेश के मैहर स्थित मां शारदा की अखंड ज्योत शामिल हैं। इन पवित्र ज्योतियों के दर्शन को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह रहने की उम्मीद है।

सिद्धिदात्री दरबार में होंगे विशेष अनुष्ठान
नवरात्र के दौरान सिद्धिदात्री मंदिर में माता की विशेष पूजा-अर्चना के साथ दुर्गा सप्तशती का पाठ और अन्य धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होंगे। मंदिर परिसर में मनोकामना ज्योति कलश भी प्रज्वलित किए जाएंगे। इसके साथ ही हिंगलाजगढ़ के शक्तिपीठ की प्रतीकात्मक ज्योत भी प्रज्वलित की जाएगी, जो श्रद्धालुओं के लिए आस्था का विशेष केंद्र रहेगी।

40 गांवों के लोग देंगे सेवा
गोमुखी सेवा धाम के सचिव के अनुसार, नवरात्र के दौरान होने वाले धार्मिक आयोजनों में सिद्ध क्षेत्र के आसपास स्थित करीब 40 गांवों के लोग सेवा देंगे। स्थानीय लोगों की सहभागिता से आयोजन को सामूहिक स्वरूप मिलेगा।

नवरात्र के नौ दिनों तक क्षेत्र में पूजा-पाठ, सेवा और भक्ति का माहौल रहेगा।

नवरात्र पर्व को लेकर मंदिरों में तैयारियों का दौर जारी है।

श्रद्धालुओं को मां दुर्गा की आराधना के साथ विभिन्न शक्तिपीठों की अखंड ज्योत के दर्शन का अवसर मिलेगा।

देवपहरी का सिद्धिदात्री दरबार इस दौरान आस्था और धार्मिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनने जा रहा है।