DMF से बिजली बिल माफी की मांग, किसानों-मजदूरों को 24 घंटे मुफ्त बिजली देने का प्रस्ताव

गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, खनन प्रभावित परिवारों को राहत देने की उठाई मांग

कोरबा। खनिज संपदा से समृद्ध कोरबा जिले में जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) की राशि का उपयोग सीधे आम जनता के हित में किए जाने की मांग तेज हो रही है। इसी क्रम में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने कलेक्टर एवं जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) के अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपकर गरीब, किसान और मजदूर परिवारों के घरेलू बिजली बिल माफ करने तथा 24 घंटे निःशुल्क बिजली उपलब्ध कराने की मांग की है।

पार्टी के जिलाध्यक्ष विद्वान सिंह मरकाम ने ज्ञापन में कहा कि कोरबा देश की ऊर्जा राजधानी के रूप में पहचान रखता है।

यहां बड़े पैमाने पर कोयला खननऔरऔद्योगिक गतिविधियां संचालित होती हैं, जिनका पर्यावरणीय दुष्प्रभाव सबसे अधिक ग्रामीणों, किसानों और मजदूरों को झेलना पड़ता है। इसके बावजूद इन वर्गों को पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।

ज्ञापन में कहा गया है कि लगातार बढ़ती महंगाई और आर्थिक दबाव के कारण ग्रामीण एवं श्रमिक परिवारों के लिए बिजली बिल का भुगतान करना कठिन होता जा रहा है। ऐसे में डीएमएफ निधि का उपयोग जनहित में कर प्रभावित परिवारों को राहत प्रदान की जानी चाहिए।

दो प्रमुख मांगें रखीं
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने जिला प्रशासन के समक्ष दो प्रमुख मांगें रखी हैं

जिले के गरीब, किसान और मजदूर परिवारों के घरेलू बिजली बिल पूरी तरह माफ किए जाएं।

डीएमएफ निधि से प्रावधान कर ग्रामीणों, किसानों और मजदूरों को 24 घंटे निःशुल्क बिजली उपलब्ध कराई जाए।

पार्टी का कहना है कि जिला खनिज न्यास की स्थापना का उद्देश्य खनन प्रभावित क्षेत्रों के लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाना है। इसलिए निधि का उपयोग ऐसी योजनाओं में किया जाना चाहिए, जिनका सीधा लाभ आम जनता को मिले।

ज्ञापन के माध्यम से कलेक्टर से मांगों पर सकारात्मक विचार करते हुए जिले के लाखों ग्रामीण, किसान और मजदूर परिवारों को बिजली बिल के बोझ से राहत दिलाने की अपील की गई है।